इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता के साथ बारा टोल प्लाजा पर हुई मारपीट की घटना को लेकर गुरुवार को बाराबंकी जनपद में अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लखनऊ–सुल्तानपुर हाईवे पर स्थित बारा टोल प्लाजा (थाना हैदरगढ़ क्षेत्र) पर सैकड़ों अधिवक्ता एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार प्रतापगढ़ जनपद के थाना हथिगवां क्षेत्र अंतर्गत परानूपुर गांव निवासी रत्नेश शुक्ला, पुत्र नर्मदा प्रसाद, बुधवार दोपहर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ जा रहे थे। इसी दौरान बारा टोल प्लाजा पर टोल टैक्स को लेकर टोल कर्मियों से उनकी कहासुनी हो गई, जिसके बाद उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई।
घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा पर लगे सभी बूम बैरियर हटवा दिए, जिससे टोल प्लाजा पूरी तरह टोल फ्री हो गया। इस दौरान हाईवे से गुजरने वाले वाहन बिना किसी शुल्क के बेरोकटोक निकलते रहे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय कोतवाली के साथ-साथ कई अन्य थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान मौके पर तैनात किए गए। कोतवाली प्रभारी अभिमन्यु मल्ल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद उप जिलाधिकारी हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा और पुलिस उपाधीक्षक समीर कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे।
अधिवक्ताओं की मांगों को लेकर मामला जिला स्तर तक पहुंचने पर एडिशनल एसपी (उत्तरी) विकास चंद्र त्रिपाठी शाम करीब चार बजे धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराएं जोड़ने और मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कुछ समय के लिए स्थिति शांत हुई।
हालांकि बाद में यह जानकारी मिलने पर कि आरोपियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं के स्थान पर धारा 151 के तहत चालान किया गया है, अधिवक्ता पुनः आक्रोशित हो गए। इस दौरान टोल प्लाजा परिसर में तोड़फोड़ की गई और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए।
हालात बिगड़ने पर उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्य अखिलेश अवस्थी तथा सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री कुलदीप नारायण मिश्रा मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता की। देर शाम एडिशनल एसपी द्वारा मुकदमे में सुसंगत धाराएं जोड़ने के आश्वासन के बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त हो गया।












