राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में आज शनिवार को अमरूद महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया गया। दो दिवसीय इस कृषि मेले का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा किया गया। यह आयोजन सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं कृषि व संबद्ध विभागों के सहयोग से दशहरा मैदान, कॉलेज रोड पर आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन अवसर पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अमरूद उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि राजस्थान में लगभग 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद की खेती होती है, जबकि अकेले सवाई माधोपुर जिले में करीब 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद का उत्पादन किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सवाई माधोपुर जिले में अमरूद उत्पादन से प्रतिवर्ष लगभग 600 से 700 करोड़ रुपये की आमदनी होती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस लक्ष्य का उल्लेख किया, जिसके तहत किसानों की आय एक से डेढ़ हजार रुपये तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से दो दिवसीय अमरूद महोत्सव का आयोजन किया गया है।
अमरूद महोत्सव में राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से ICAR, कृषि विश्वविद्यालयों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और केवीके से जुड़े वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और किसान शामिल हो रहे हैं। किसानों को यहां अमरूद से बने उत्पादों का स्वाद चखाने के साथ-साथ उनके निर्माण की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
महोत्सव में अमरूद से बने विभिन्न उत्पादों का व्यापक प्रदर्शन किया गया, जिनमें शरबत, पल्प, RTS, चटनी, अचार, पाउडर, जूस, चिप्स, कैंडी, फ्रूट बार, जेली, बर्फी, लड्डू, हलवा, जैम, पापड़ और डिहाइड्रेट अमरूद शामिल हैं। इन उत्पादों के माध्यम से किसानों को मूल्य संवर्धन और अतिरिक्त आय के अवसरों की जानकारी दी जा रही है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा देहाती गीतों पर झूमते नजर आए। इस दौरान उन्होंने विदेशी मेहमानों के साथ भी मंच पर लोकसंगीत के बीच सहभागिता की, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।
आयोजकों के अनुसार अमरूद महोत्सव में प्रतिदिन देशभर से लगभग 10 हजार किसान, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। आयोजन स्थल पर ड्रोन तकनीक का लाइव प्रदर्शन, स्मार्ट फार्मिंग मॉडल, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कृषि स्टार्टअप तथा कृषक-वैज्ञानिक संवाद भी आयोजित किए जा रहे हैं।
अमरूद महोत्सव का दूसरा दिन रविवार को भी जारी रहेगा, जिसमें किसानों के लिए तकनीकी सत्र, प्रशिक्षण कार्यक्रम और विशेषज्ञों के साथ संवाद आयोजित किए जाएंगे।














