रायबरेली में 2051 तक के विकास की तैयारी तेज, डीएम की अध्यक्षता में जीआईएस आधारित रीजनल प्लान पर हुई अहम बैठक

रिपोर्ट
Jayant Chaudhary
Jayant Chaudhary | Reporter

संक्षेप में

रायबरेली में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (UPSCR-2051) के अंतर्गत जीआईएस आधारित रीजनल प्लान तैयार करने को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से अद्यतन आंकड़े उपलब्ध कराने, डिजिटल मैपिंग तथा जनपद के दीर्घकालिक एवं संतुलित विकास की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

विस्तृत समाचार

रायबरेली कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (UPSCR-2051) के लिए जीआईएस आधारित क्षेत्रीय महायोजना (Regional Plan) तैयार किए जाने के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य वर्ष 2051 तक जनपद के सुनियोजित, संतुलित और दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक आधार तैयार करना रहा।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले आंकड़ों, भौगोलिक सूचनाओं, वर्तमान भूमि उपयोग (Existing Land Use), बेसमैप तथा प्रस्तावित विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। शासन द्वारा चयनित कंसल्टेंट ने डिलीवेरेबल-1, डिलीवेरेबल-2, डिलीवेरेबल-3 एवं डिलीवेरेबल-4 का प्रस्तुतीकरण भी किया, जिस पर संबंधित विभागों ने अपने सुझाव दिए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित अद्यतन एवं प्रमाणिक आंकड़े निर्धारित प्रारूप में समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराएं, ताकि जनपद की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी रीजनल प्लान तैयार किया जा सके।

2051 को ध्यान में रखकर तैयार होगा विकास का रोडमैप

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2051 को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सुनियोजित विकास के लिए जीआईएस आधारित रीजनल प्लान तैयार कर रही है। इस योजना के माध्यम से नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों का संतुलित विकास, आधारभूत ढांचे का विस्तार, परिवहन नेटवर्क को मजबूत करना, औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन, आवासीय सुविधाओं का विस्तार तथा सामाजिक आधारभूत सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

जीआईएस तकनीक से होगा वैज्ञानिक विश्लेषण

बैठक में जीआईएस (Geographic Information System) तकनीक के माध्यम से जनपद की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध संसाधनों, विकास परियोजनाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं की डिजिटल मैपिंग और वैज्ञानिक विश्लेषण पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को विभागीय सूचनाओं का डिजिटलीकरण कर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए, जिससे योजना निर्माण की प्रक्रिया को गति मिल सके।

जनपद के विकास को मिलेगा दीर्घकालिक लाभ

प्रशासन का मानना है कि UPSCR-2051 के अंतर्गत तैयार होने वाला रीजनल प्लान आने वाले वर्षों में रायबरेली के समग्र विकास का आधार बनेगा। इसके माध्यम से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार के अवसरों में वृद्धि तथा नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा सकेगी।

रीजनल प्लान तैयार करते समय जनसंख्या वृद्धि, भूमि उपयोग, प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरणीय संतुलन तथा भविष्य की विकास संभावनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा, जिससे जनपद की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं बनाई जा सकें।

बैठक में रहे मौजूद

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) सहदेव मिश्र, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं सचिव रायबरेली विकास प्राधिकरण विशाल यादव, समस्त उपजिलाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, अर्बन प्लानर कीर्ति टंडन तथा टीम लीडर मुजीब रहमान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों ने योजना निर्माण में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।

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