देश के विभिन्न हिस्सों में आज बिजली विभाग के कर्मचारी और इंजीनियर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन Electricity (Amendment) Bill 2025 और बिजली क्षेत्र में संभावित निजीकरण के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित बदलावों से बिजली व्यवस्था के संचालन और प्रबंधन में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं।
बिजली कर्मचारियों के संगठन National Coordination Committee of Electricity Employees & Engineers (NCCOEEE) ने 9 मार्च 2026 को एक सर्कुलर जारी कर कर्मचारियों से 10 मार्च को देशभर में एकजुट होकर प्रदर्शन करने की अपील की थी। संगठन के अनुसार कर्मचारियों और इंजीनियरों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए कहा गया है।
संगठन ने अपने सर्कुलर में कहा है कि सरकार द्वारा प्रस्तावित Electricity Amendment Bill 2025 को लेकर कर्मचारियों के बीच चिंता व्यक्त की जा रही है। कर्मचारियों का मानना है कि इस बिल के लागू होने से बिजली वितरण व्यवस्था में निजी भागीदारी बढ़ सकती है और इसके विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है।
संगठन की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि इस विषय पर चर्चा के लिए विपक्षी सांसदों के साथ एक बैठक आयोजित करने की योजना है। यह बैठक नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में आयोजित की जानी प्रस्तावित है, जिसमें बिजली क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
बिजली कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना और बिजली क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं के हितों को सामने रखना है। विभिन्न राज्यों में कर्मचारी अपने-अपने स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।










