रायबरेली में अवैध शराब के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी कर 45 लीटर कच्ची शराब और 150 किलो लहन बरामद किया, जिससे क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार पर असर पड़ा है।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत की गई। जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक रोबिन आर्य की टीम ने सदर तहसील के मिल एरिया थाना क्षेत्र के गांव मालिन का पुरवा और पचखरा में संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान अवैध शराब बनाने के अड्डों से भारी मात्रा में लहन (शराब बनाने का कच्चा माल) बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। साथ ही आबकारी अधिनियम की धाराओं में तीन अलग-अलग अभियोग दर्ज किए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले भी विभिन्न स्थानों पर इसी तरह की कार्रवाई की जा चुकी है, जिससे अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब के कारण होने वाली घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी से अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर दबाव बना रहेगा।
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अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान क्यों चलाया जा रहा है?
जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि जनस्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।
लहन क्या होता है और इसे नष्ट क्यों किया गया?
लहन शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा मिश्रण होता है। इसे नष्ट करने से अवैध शराब का उत्पादन तुरंत रुक जाता है और दोबारा निर्माण की संभावना कम होती है।
इस कार्रवाई का स्थानीय स्तर पर क्या असर पड़ेगा?
इस तरह की कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार में कमी आएगी, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम कम होंगे। साथ ही लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा।











