रायबरेली में कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा, डीएम ने कहा- कोई भी पात्र बालिका लाभ से न रहे वंचित

रिपोर्ट
Jayant Chaudhary
Jayant Chaudhary | Reporter

संक्षेप में

रायबरेली में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने महिला कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत प्रत्येक पात्र बालिका तक समयबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और महिला कल्याण विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजना के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

विस्तृत समाचार

रायबरेली कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की स्थिति तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।

बैठक में विशेष रूप से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिला महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाली सभी पात्र नवजात बालिकाओं का योजना के अंतर्गत आवेदन अनिवार्य रूप से कराया जाए। उन्होंने कहा कि पात्रता पूरी करने वाली कोई भी बालिका योजना के लाभ से वंचित नहीं रहनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र नवजात बालिका का कन्या सुमंगला योजना में समयबद्ध आवेदन कराया जाए और किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना से वंचित न रहने दिया जाए।

स्वास्थ्य और महिला कल्याण विभाग के समन्वय पर जोर

जिलाधिकारी ने महिला कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल स्तर पर ही नवजात बालिकाओं के अभिभावकों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया जाए, जिससे अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया में न हो देरी

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदन, सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने पाए। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर भी बल दिया।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध सत्यापन और विभागों के बीच समन्वय को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

अन्य योजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक के दौरान निराश्रित महिला पेंशन योजना, फैमिली आईडी सहित महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है और इसके लिए अधिकारियों को सक्रियता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में रहे मौजूद

बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अम्बिका प्रसाद, जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र कुमार सहित महिला कल्याण विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी संचालन और पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक सहयोग का भरोसा भी दिया।

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