रायबरेली: रायबरेली भूमि अधिग्रहण समीक्षा बैठक के दौरान डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने सड़क परियोजनाओं, मुआवजा वितरण और गंगा एक्सप्रेसवे से प्रभावित सड़कों की स्थिति की समीक्षा को लेकर बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों ने लंबित मामलों, मुआवजा वितरण और सड़क मरम्मत कार्यों की प्रगति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
रायबरेली जनपद में कई प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग, संपर्क मार्ग और एक्सप्रेसवे से जुड़े विकास कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं के लिए कई गांवों और कृषि क्षेत्रों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया की समीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत बैठक आयोजित की।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कुछ परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि कुछ स्थानों पर मुआवजा वितरण और राजस्व अभिलेखों से जुड़े मामलों के कारण देरी सामने आ रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसानों और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं में भूमि संबंधी विवाद लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो।
गंगा एक्सप्रेसवे से प्रभावित सड़कों पर विशेष फोकस
बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण और संपर्क सड़कों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कई क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़कें खराब हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिलाधिकारी ने यूपीडा (UPEDA) को निर्देशित किया कि चिन्हित सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए। साथ ही, संबंधित उप जिलाधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को संयुक्त सर्वे कर गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्थानीय लोगों पर असर
रायबरेली के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क परियोजनाओं का सीधा असर किसानों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों पर पड़ रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से भविष्य में परिवहन और व्यापार को लाभ मिलने की संभावना है, लेकिन वर्तमान में भूमि अधिग्रहण और सड़क क्षति से कुछ इलाकों में असुविधा भी बनी हुई है।
स्थानीय स्तर पर कई किसानों की मुख्य चिंता मुआवजा भुगतान और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर है। प्रशासन ने दावा किया है कि सभी मामलों का समाधान नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं की गति बनाए रखने के साथ-साथ प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता में रखा जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमृता सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल यादव, संबंधित उप जिलाधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, यूपीडा और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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वर्तमान स्थिति और आगे क्या
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों से कार्ययोजना और प्रगति रिपोर्ट मांगी है। आने वाले दिनों में सड़क मरम्मत और लंबित भूमि अधिग्रहण मामलों पर तेजी से कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि विकास परियोजनाओं और स्थानीय हितों के बीच संतुलन बना रहे।
रायबरेली में यह समीक्षा बैठक क्यों आयोजित की गई?
जनपद में चल रही सड़क परियोजनाओं, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया और मुआवजा वितरण की स्थिति की समीक्षा के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी।
गंगा एक्सप्रेसवे से कौन सी समस्या सामने आई?
निर्माण कार्य के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से कई संपर्क और ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनकी मरम्मत के निर्देश प्रशासन ने दिए हैं।
प्रभावित किसानों को क्या सुविधा मिलेगी?
प्रशासन के अनुसार प्रभावित किसानों और भूमि स्वामियों को नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
सड़क मरम्मत की निगरानी कौन करेगा?
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद संबंधित उप जिलाधिकारी और अधिशासी अभियंता संयुक्त सर्वे कर गुणवत्ता की जांच करेंगे।









