रायबरेली जनसुनवाई में वृद्ध किसान को राहत, डीएम के निर्देश पर तत्काल जारी हुई भूमि बंटवारा डिक्री
रायबरेली कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक वृद्ध किसान के भूमि संबंधी मामले का त्वरित निस्तारण किया गया। ग्राम छिवलामऊ निवासी कंधई लाल की शिकायत पर जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने तत्काल संज्ञान लेते हुए लंबित डिक्री जारी कराने के निर्देश दिए, जिससे उनके भूमि अधिकार से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।
मामला तहसील सदर क्षेत्र से संबंधित था, जहां भूमि बंटवारे की पुष्टि होने के बावजूद आवश्यक डिक्री जारी नहीं हुई थी। जनसुनवाई के दौरान शिकायत सामने आने पर जिला प्रशासन ने इसे प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने का निर्णय लिया।
क्या था पूरा मामला
ग्राम छिवलामऊ निवासी कंधई लाल ने जनसुनवाई में आवेदन देकर अपनी हिस्सेदारी की भूमि पर कब्जा दिलाए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि भूमि बंटवारे से संबंधित मामला उपजिलाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन रहा था और चिट्ठी बंटवारे की पुष्टि भी हो चुकी थी।
इसके बावजूद आवश्यक डिक्री जारी न होने के कारण राजस्व विभाग की आगे की कार्रवाई लंबित थी। इससे प्रार्थी को अपने हिस्से की भूमि से जुड़े अधिकारों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था और मामला लंबे समय से अटका हुआ था।
प्रशासन ने कैसे की त्वरित कार्रवाई
जनसुनवाई के दौरान मामला सामने आने पर जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने इसकी गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और उपजिलाधिकारी सदर गौतम सिंह को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच में पाया गया कि भूमि बंटवारे की पुष्टि होने के बावजूद डिक्री जारी नहीं की गई थी। प्रार्थी की वृद्धावस्था को ध्यान में रखते हुए उपजिलाधिकारी सदर गौतम सिंह ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराते हुए तत्काल डिक्री जारी कराई और उसकी प्रति प्रार्थी को उपलब्ध कराई।
भूमि मामलों में डिक्री क्यों महत्वपूर्ण होती है
राजस्व मामलों में डिक्री एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज होती है। इसके आधार पर संबंधित पक्ष भूमि पर अधिकार, कब्जा तथा अन्य आवश्यक राजस्व प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा सकता है। कई मामलों में न्यायिक आदेश होने के बावजूद डिक्री जारी न होने से लाभार्थियों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों के समाधान के लिए न्यायिक आदेशों के साथ-साथ दस्तावेजी प्रक्रिया का समय पर पूरा होना भी आवश्यक है। इससे विवादों के निस्तारण और राजस्व अभिलेखों के अद्यतन में सहायता मिलती है।
स्थानीय लोगों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला
रायबरेली जिले में बड़ी संख्या में भूमि और राजस्व संबंधी मामले विभिन्न स्तरों पर लंबित रहते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई आम नागरिकों के लिए राहत का कारण बन सकती है। इससे अन्य लोगों को भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनसुनवाई जैसे मंचों का उपयोग करने के प्रति विश्वास मिलता है।
जनसुनवाई व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों को सीधे सुनकर विभागीय स्तर पर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। ऐसे मामलों के निस्तारण से प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा मिलता है।
वर्तमान स्थिति और आगे की प्रक्रिया
प्रार्थी को संबंधित डिक्री उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही अधिकारियों को इजराय कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके और भूमि से जुड़े अधिकारों का लाभ संबंधित पक्ष को प्राप्त हो।
राजस्व विभाग अब आगे की कार्रवाई की निगरानी करेगा। कंधई लाल ने मामले के समाधान के लिए जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका तथा उपजिलाधिकारी सदर गौतम सिंह के प्रति आभार भी व्यक्त किया है।










