संक्षेप में
रायबरेली में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने पेंशन, छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
विस्तृत समाचार
रायबरेली, 16 जुलाई 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विभागीय संस्थानों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन, छात्रवृत्ति योजनाएं, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, छात्रावास और वृद्धाश्रमों की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिले।
पेंशन योजनाओं के लंबित मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने वृद्धावस्था, दिव्यांग एवं निराश्रित महिला पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन आवेदनों का सत्यापन लंबित है अथवा तकनीकी कारणों से लाभार्थी योजना से वंचित हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पात्र लाभार्थियों को शीघ्र लाभान्वित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
छात्रवृत्ति के लिए समय पर सत्यापन पर जोर
बैठक में छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि पात्र छात्र-छात्राओं के आवेदन समय से सत्यापित कर नियमानुसार अग्रसारित किए जाएं। साथ ही विद्यालयों एवं संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिकतम पात्र विद्यार्थियों के आवेदन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया, ताकि कोई भी छात्र छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और संस्थानों की व्यवस्थाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पात्र लाभार्थियों का समय से पंजीकरण कराने तथा शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी एवं गरिमामय ढंग से कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, छात्रावास एवं वृद्धाश्रमों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए शिक्षा, भोजन, आवास, स्वच्छता, सुरक्षा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि समाज कल्याण विभाग की योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के जीवन स्तर में सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें तथा नियमित निरीक्षण के माध्यम से योजनाओं और संस्थानों की निगरानी सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, उपायुक्त श्रम रोजगार प्रमोद सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए मुनेश चन्द्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर. वी. सिंह, समस्त खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











