आयकर विभाग ने देशभर में रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े मामलों में टर्नओवर छिपाने के संभावित मामलों की जांच शुरू की है। विभाग के अनुसार यह कार्रवाई खाद्य एवं पेय क्षेत्र में आयकर से जुड़ी अनियमितताओं के पैटर्न की जांच के बाद की जा रही है।
विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नवंबर 2025 में किए गए विश्लेषण के दौरान यह पाया गया कि कुछ रेस्टोरेंट्स द्वारा थोक बिलों को हटाने या अन्य संशोधनों के माध्यम से वास्तविक बिक्री को कम दिखाने की कोशिश की जा रही थी। इस संदर्भ में वित्तीय डेटा और आयकर रिटर्न में दर्ज जानकारी का तुलनात्मक अध्ययन किया गया।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अंतर्गत किए गए इस विश्लेषण में लगभग 1.77 लाख रेस्टोरेंट्स के लेनदेन संबंधी डेटा का अध्ययन किया गया। इसमें AI आधारित एनालिटिक्स टूल्स का उपयोग किया गया, जिसके माध्यम से कई मामलों में आय कम दिखाए जाने के संकेत मिले।
प्रारंभिक कार्रवाई के तहत 8 मार्च 2026 को 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट्स पर सर्वे किया गया। प्रारंभिक निष्कर्षों में लगभग 408 करोड़ रुपये की बिक्री रिपोर्टिंग में अंतर सामने आने की बात कही गई है। संबंधित मामलों में आगे की जांच प्रक्रिया जारी है।
विभाग ने इस प्रक्रिया के साथ SAKSHAM NUDGE अभियान की शुरुआत भी की है, जिसका उद्देश्य करदाताओं को स्वैच्छिक अनुपालन के लिए प्रोत्साहित करना और आवश्यक होने पर रिटर्न में सुधार करने का अवसर देना है।
अधिकारियों के अनुसार यह पहल डेटा विश्लेषण और तकनीकी उपकरणों के माध्यम से कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। विभाग ने करदाताओं से समयसीमा के भीतर अपने आयकर रिटर्न की समीक्षा और आवश्यक संशोधन करने का अनुरोध किया है।













