लखनऊ में 1,228 नर्सिंग ऑफिसर्स को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की पहल
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में 1,228 नर्सिंग ऑफिसर्स को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नर्सिंग सेवा सेवा और संवेदना से जुड़ा कार्य है, जहां नर्सिंग स्टाफ मरीजों के साथ लंबे समय तक जुड़कर देखभाल करता है। उन्होंने बताया कि जब सेवा भावना के साथ कार्य किया जाता है, तो उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से संवाद भी किया। इनमें अर्जुन सिंह (शाहजहांपुर), प्रकाशनी (लखनऊ), गरिमा श्रीवास्तव, अनन्या गुप्ता, सोनाक्षी यादव, भरत सिंह, विशाल राजपूत, कुमारी लूसी और प्रिया पटेल सहित अन्य अभ्यर्थी शामिल रहे, जिन्हें उनके हाथों नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने नए अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी का उद्देश्य मानव कल्याण है और सरकार में भर्तियां पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की गई हैं।
राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि डॉक्टर मरीज के साथ सीमित समय के लिए जुड़ते हैं, जबकि नर्सिंग स्टाफ अधिक समय तक उनके साथ रहता है, इसलिए सेवा भाव और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया गया। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है तथा MBBS और PG सीटों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में सुधार हुआ है तथा यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के अंतर्गत बड़ी संख्या में लोग जोड़े गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग जापान, कोरिया, जर्मनी और यूरोप के देशों में बढ़ रही है, जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी विस्तारित हो रहे हैं।
प्रदेश में नर्सिंग सीटों में 7,000 तथा पैरामेडिकल सीटों में 2,000 की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही MBBS सीटें 5,390 से बढ़कर 12,000 से अधिक और PG सीटें 1,221 से बढ़कर 5,056 हो गई हैं।
सरकार के अनुसार, पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और भर्ती प्रक्रिया में योग्यता आधारित चयन को प्राथमिकता दी गई है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।









