रायबरेली: एआरटीओ का सख्त आदेश, प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर पर होगी कार्रवाई
रायबरेली में ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अरविन्द कुमार यादव ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर लगाने और उनकी बिक्री करने वाले गैरेज एवं वर्कशॉप के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जानकारी दी कि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय इलाहाबाद, लखनऊ खण्डपीठ में दायर पीआईएल संख्या-15385/2021 के आदेश तथा परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को एआरटीओ कार्यालय रायबरेली में मोटर डीलर, मोटर गैराज एवं वर्कशॉप संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान परिवहन विभाग की हेल्पलाइन सेवाओं 18001800151 एवं 18001800149 की जानकारी भी साझा की गई, ताकि आम नागरिक भी शिकायत दर्ज करा सकें और नियमों के पालन में सहयोग दे सकें।
अधिकारियों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले वर्कशॉप या गैराज पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माने के शमन की शक्ति उप परिवहन आयुक्त एवं उच्च अधिकारियों को प्राप्त है।
यदि कोई वाहन स्वामी कंपनी फिटिंग के अतिरिक्त अवैध परिवर्तन करता है, तो उसे छह माह तक के कारावास या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, जिन वाहनों से शोर नियंत्रण, वायु प्रदूषण या सड़क सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों का उल्लंघन होता है, उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रथम अपराध के लिए तीन माह तक का कारावास या दस हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) उमेश चन्द्र कटियार, वरिष्ठ सहायक इमरान शाह सहित जनपद के मोटर डीलर, मोटर गैराज एवं वर्कशॉप संचालक उपस्थित रहे। विभाग ने सभी संबंधित पक्षों से नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।











