रायबरेली में टीबी जागरूकता बैठक, जोखिम वाली आबादी की स्क्रीनिंग पर फोकस
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चल रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत आईएमए एवं निजी चिकित्सकों की टीबी संवेदीकरण बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिसर स्थित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जनपद स्तर पर क्षय रोग नियंत्रण के प्रयासों को सुदृढ़ करना और निजी चिकित्सकों की सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह ने उपस्थित चिकित्सकों को अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में निजी चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण है, जिससे टीबी के मामलों की पहचान और उपचार में तेजी लाई जा सके। साथ ही, जनपद में जोखिम वाली आबादी की पहचान कर विशेष रूप से स्क्रीनिंग की जा रही है।
अभियान के अंतर्गत हैंड-हेल्ड एक्स-रे उपकरणों का उपयोग कर क्षेत्र में चिन्हित समूहों की जांच की जा रही है, जिससे टीबी के संभावित मामलों का समय पर पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने चिकित्सकों से अपील की कि वे संदिग्ध मरीजों को चिन्हित कर जांच और उपचार की प्रक्रिया में सहयोग करें।
कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अम्बिका प्रसाद, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डी. एस. अस्थाना, जिला पब्लिक प्राइवेट मिक्स समन्वयक मनीष श्रीवास्तव तथा पीएमडीटी समन्वयक अतुल कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान टीबी नियंत्रण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई और समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।











