IAS प्रशिक्षुओं से LBSNAA निदेशक का संवाद, नीति निर्माण और नवाचार पर जोर

नई दिल्ली | 18 अप्रैल 2026
प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों के साथ संवाद का दृश्य
प्रशिक्षु अधिकारी संवाद कार्यक्रम

खबर एक नजर में

1 एलबीएसएनएए निदेशक ने एनएसएसटीए में आईएसएस 2024, 2025 और 2026 बैच से संवाद किया।
2 डेटा आधारित नीति निर्माण और विश्लेषणात्मक सोच की भूमिका पर जोर दिया गया।
3 प्रशिक्षुओं को करियर का 30% हिस्सा नवाचार और अनुसंधान में लगाने की सलाह दी गई।
4 सिविल सेवकों के लिए नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण और सहानुभूति को आवश्यक बताया गया।
5 आईएसएस की भूमिका को शासन में महत्वपूर्ण विश्लेषणात्मक योगदान के रूप में रेखांकित किया गया।
6 जमीनी स्तर पर सांख्यिकीय सोच और स्थानीय प्रशासन से सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

विस्तृत खबर

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के निदेशक श्री श्रीराम तरणिकांति ने 18 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी में भारतीय सांख्यिकी सेवा के विभिन्न बैचों के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ संवाद किया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया और संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा हुई।

संवाद के दौरान सार्वजनिक सेवा नेतृत्व और डेटा आधारित नीति निर्माण की अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। निदेशक ने कहा कि सिविल सेवकों की भूमिका केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे नीति निर्माण में महत्वपूर्ण विश्लेषणात्मक योगदान देते हैं।

उन्होंने प्रशिक्षुओं को सलाह दी कि वे अपने करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नवाचार, अनुसंधान और नए विचारों के विकास में लगाएं। इससे शासन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में सुधार संभव है।

प्रशिक्षुओं को नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने और निरंतर आत्मसुधार पर जोर देने की सलाह दी गई।

निदेशक ने सिविल सेवकों के आवश्यक गुणों जैसे सहानुभूति, स्पष्ट निर्णय क्षमता और टीम नेतृत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बदलते प्रशासनिक वातावरण में अनुकूलन की आवश्यकता पर बल दिया।

सांख्यिकी के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर सांख्यिकीय सोच को बढ़ावा देने और स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रशिक्षु अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका उत्तर उदाहरणों के माध्यम से दिया गया। यह संवाद प्रशिक्षुओं के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहा।

यह समाचार सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है।
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