रायबरेली: लालगंज बिजली संकट को लेकर रविवार को किसानों ने अचानक धरना शुरू कर दिया, जो कुछ घंटों बाद बिजली विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। ग्रामीण इलाकों में कई दिनों से बाधित बिजली आपूर्ति, पेयजल समस्या और खेती पर पड़ रहे असर को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया था।
क्या है पूरा मामला
रायबरेली जिले के लालगंज क्षेत्र में बीते दिनों आई तेज आंधी और तूफान के बाद कई गांवों की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर बिजली के पोल टूट गए और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिसके कारण लालगंज तहसील के कई ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है।
इसी मुद्दे को लेकर किसान नेता रमेश बहादुर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि शहर और टाउन क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था तो तेजी से बहाल कर दी गई, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है।
धरना स्थल पर किसान नेता रमेश बहादुर सिंह ने कहा कि गांवों में लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं। बिजली न होने से पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और पशु-पक्षियों तक को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन पर वास्तविक स्थिति से अनजान रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक सभी गांवों की बिजली बहाल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर किसानों ने कहा कि बिजली न होने से सबसे ज्यादा दिक्कत पानी को लेकर हो रही है। कई गांवों में लोग पेयजल के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर हैं, जबकि सिंचाई भी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय स्तर पर क्या असर पड़ा
लालगंज ग्रामीण क्षेत्र में बिजली बाधित होने से दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में लंबे समय तक बिजली न रहने से पानी की समस्या बढ़ गई है।
खेती से जुड़े परिवारों ने बताया कि सबमर्सिबल और सिंचाई उपकरण बंद होने के कारण खेतों तक पानी पहुंचाने में परेशानी हो रही है। कई गांवों में शाम होते ही अंधेरा छा जाने से सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।
प्रशासन और विभाग की प्रतिक्रिया
धरना शुरू होने के कुछ समय बाद बिजली विभाग की ओर से एक्सियन प्रतिनिधि योगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर विभाग की ओर से चल रहे मरम्मत कार्य की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि आंधी के कारण कई ग्रामीण फीडरों की लाइनें प्रभावित हुई थीं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से ठीक किया जा रहा है। विभाग ने भरोसा दिलाया कि अगले दो दिनों में अधिकांश प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
कुछ घंटों में कैसे खत्म हुआ धरना
बिजली विभाग के आश्वासन के बाद किसान नेता रमेश बहादुर सिंह ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। इसके बाद किसानों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन खत्म कर दिया।
हालांकि ग्रामीणों ने कहा कि अब उनकी निगाह बिजली बहाली के काम पर रहेगी और यदि तय समय में सुधार नहीं हुआ तो आगे फिर से आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है।
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लालगंज में किसानों ने धरना क्यों शुरू किया था?
ग्रामीण क्षेत्रों में कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने, पानी की समस्या और खेती पर असर को लेकर किसानों ने धरना शुरू किया था।
बिजली विभाग ने क्या भरोसा दिया है?
विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि अगले दो दिनों के भीतर प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या क्या बनी हुई है?
बिजली बाधित होने के कारण पेयजल और सिंचाई की समस्या सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है।














