देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में 25 और 26 मई 2026 को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी गई है। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने बैंक प्रबंधन पर लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। यूनियन का कहना है कि पिछले करीब दो वर्षों से कई मुद्दों को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
SBI की ओर से जारी कस्टमर एडवाइजरी में ग्राहकों को पहले से जरूरी बैंकिंग कार्य निपटाने की सलाह दी गई है। बैंक ने कहा है कि वह शाखाओं में आवश्यक सेवाएं जारी रखने की कोशिश करेगा, लेकिन हड़ताल की स्थिति में कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
कर्मचारी संगठन का आरोप है कि बैंक में लगातार स्टाफ की कमी बढ़ रही है, जबकि काम का दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है। यूनियन ने कहा कि कई स्थायी कार्य अब आउटसोर्स कर्मचारियों से करवाए जा रहे हैं, जिससे नौकरी सुरक्षा और ग्राहक डेटा सुरक्षा दोनों पर असर पड़ सकता है।
यूनियन ने यह भी दावा किया है कि बैंक में मैसेंजर और अन्य सहायक कर्मचारियों की भर्ती लगभग तीन दशकों से नहीं हुई है। इसके अलावा शाखाओं में सुरक्षा गार्डों की कमी को लेकर भी चिंता जताई गई है। हाल के वर्षों में ATM चोरी और बैंक शाखाओं पर हमलों की घटनाओं को देखते हुए कर्मचारियों ने पर्याप्त armed guards की भर्ती की मांग की है।
कर्मचारियों ने वेतन और सुविधाओं में असमानता का मुद्दा भी उठाया है। यूनियन का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन वृद्धि में अंतर बढ़ गया है। साथ ही NPS कर्मचारियों को Pension Fund Manager बदलने का विकल्प देने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
- बैंक में पर्याप्त संख्या में नई भर्ती की जाए।
- स्थायी कार्यों में आउटसोर्सिंग बंद की जाए।
- मैसेंजर और सुरक्षा गार्डों की भर्ती शुरू की जाए।
- NPS कर्मचारियों को Pension Fund Manager बदलने का विकल्प मिले।
- कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में समानता सुनिश्चित की जाए।
- मेडिकल रिइम्बर्समेंट और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जाए।
- HRMS और प्रमोशन से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए।
- कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार और टारगेट का दबाव कम किया जाए।
अगर हड़ताल होती है तो देशभर में SBI की कई शाखाओं में सामान्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। नकद जमा और निकासी, पासबुक अपडेट, चेक क्लियरेंस और शाखा आधारित अन्य सेवाओं में देरी हो सकती है।
हालांकि बैंक ने स्पष्ट किया है कि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और YONO ऐप जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी। ग्राहकों को ऑनलाइन माध्यमों का अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है।
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि इस हड़ताल का असर कई दिनों तक महसूस किया जा सकता है, क्योंकि हड़ताल से पहले चौथा शनिवार और रविवार भी पड़ रहे हैं। वहीं कई राज्यों में बकरीद अवकाश भी इसी अवधि के आसपास है, जिससे लगातार कई दिनों तक शाखा सेवाएं प्रभावित रहने की आशंका जताई जा रही है।
यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की मांगें केवल वेतन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था, कर्मचारियों की सुरक्षा और ग्राहकों की बेहतर सेवा से भी जुड़ी हुई हैं। फिलहाल सभी की नजर बैंक प्रबंधन और यूनियन के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी है।












