संक्षेप में
रायबरेली जिला कारागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में अमृता विश्व विद्यापीठम संस्थान के सहयोग से ध्यान योग शिविर आयोजित किया गया। शिविर में निरुद्ध बंदियों को योग एवं ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी दी गई।
विस्तृत समाचार
रायबरेली में माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अमित पाल सिंह के निर्देश तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनिशा के मार्गदर्शन में सोमवार को जिला कारागार में ध्यान योग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर अमृता विश्व विद्यापीठम संस्थान के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य निरुद्ध बंदियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था।
शिविर का संचालन संस्थान से आए नरेन्द्र आनन्द और श्वेता आनन्द ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग तथा ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास किया।
योग और ध्यान के लाभ बताए
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर में लचीलापन, ऊर्जा और कार्यक्षमता बढ़ती है, जबकि ध्यान मानसिक शांति, एकाग्रता तथा सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी योग एवं ध्यान व्यक्ति को मानसिक रूप से संतुलित बनाए रखने में मदद करते हैं।
सुधारात्मक गतिविधियों पर दिया गया जोर
ध्यान योग शिविर का उद्देश्य केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं था, बल्कि बंदियों को सकारात्मक सोच, आत्मअनुशासन और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी रहा। ऐसे कार्यक्रम सुधारात्मक गतिविधियों का हिस्सा होते हैं, जिनके माध्यम से बंदियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
ये रहे उपस्थित
शिविर में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल राजकुमार सिंह, जेलर हिमांशु रौतेला, उपकारापाल जन्मेजय तथा जिला कारागार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने ऐसे कार्यक्रमों को बंदियों के मानसिक एवं सामाजिक पुनर्वास की दिशा में उपयोगी बताया।













