मनरेगा में भ्रष्टाचार के आरोप, ‘जी राम जी’ से बदलेगा ग्रामीण रोजगार का ढांचा: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली | 🗓️ 4 जनवरी 2026
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनरेगा की पुरानी कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में इस योजना के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ, जहां मजदूरों की जगह मशीनों से काम कराया गया, ठेकेदारों के माध्यम से योजनाएं संचालित हुईं और सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आईं।

मंत्री ने कांग्रेस पार्टी द्वारा शुरू की गई ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ मुहिम पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अभियान मजदूरों के हितों की रक्षा के बजाय उस पुरानी व्यवस्था को बचाने का प्रयास है, जिसमें भ्रष्टाचार की गुंजाइश बनी रही।

उन्होंने बताया कि सरकार ने मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत – जी राम जी (VB-G RAM G) योजना को लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं। काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और मजदूरी में देरी पर ब्याज सहित भुगतान का प्रावधान किया गया है। विकसित भारत – जी राम जी’ योजना कृषि के लिए भी उपयोगी हो, इसका भी प्रावधान किया गया है।

नई योजना में अस्थायी कार्यों के बजाय गांवों में स्थायी विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में सड़क के किनारे की सफाई जैसे अस्थायी कार्यों पर अधिक जोर था, जिनसे न तो स्थायी संपत्तियां बन पाती थीं और न ही ग्रामीण विकास को मजबूती मिलती थी। नई योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, नालियां, तालाब और अन्य टिकाऊ कार्य कराए जाएंगे।

आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ‘जी राम जी’ योजना के तहत ₹1,51,282 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी ₹95,000 करोड़ से अधिक होगी।

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