उत्तर प्रदेश में राजस्व सेवाओं को गांव स्तर पर सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। इसके तहत हल्का लेखपाल के लिए उनके कार्यक्षेत्र की ग्राम पंचायत भवन परिसर में बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि भूमि, खतौनी, नामांतरण और अन्य राजस्व से जुड़े कार्य ग्रामीणों को अपने ही गांव में उपलब्ध हो सकें। इससे आम लोगों को तहसील स्तर पर बार-बार जाने की आवश्यकता कम होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, पंचायत भवन परिसर में लेखपाल के लिए अलग कार्यस्थल उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्यों का संचालन एक निश्चित स्थान से किया जा सकेगा। इससे लेखपाल की उपस्थिति और कार्य प्रणाली को लेकर स्पष्टता बनी रहने की बात कही जा रही है।
यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी लेखपालों की गांव या हल्का स्तर पर उपलब्धता को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा होती रही है। मौजूदा व्यवस्था को उसी दिशा में एक व्यावहारिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें भौतिक रूप से कार्यस्थल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर कार्यों के निस्तारण को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।














