अब खेत में नहीं रहेगा खतरा, किसान मित्र छड़ी देगी पूरा सहारा

रायसेन (मध्य प्रदेश) | 12 अप्रैल 2026
रायसेन कृषि मेले में किसानों को तकनीकी उपकरण और किसान मित्र छड़ी का प्रदर्शन
रायसेन कृषि मेले में आधुनिक कृषि तकनीकों और सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन

खबर एक नजर में

रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि मेले के दूसरे दिन किसानों की सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया।
किसान मित्र छड़ी को एक प्रमुख नवाचार के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो रात के समय खेतों में काम करने वाले किसानों को सुरक्षा प्रदान करती है।
इस छड़ी में कंपन तकनीक और सोलर टॉर्च की सुविधा दी गई है, जिससे सांप और अन्य जहरीले जीवों से सतर्क रहने में मदद मिलती है।
रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिलों के लिए जलवायु और संसाधनों पर आधारित कृषि रोडमैप जारी किया गया।
इस योजना में फसल विविधीकरण, भूजल संरक्षण, आधुनिक खेती तकनीक और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।

विस्तृत खबर

रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि मेले के दूसरे दिन किसानों की सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया गया। इस दौरान किसान मित्र छड़ी को एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो खेतों में कार्य करने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक मानी जा रही है।

रात के समय खेतों में सिंचाई करते हुए किसानों को अक्सर सांप और अन्य जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई यह छड़ी कंपन के माध्यम से आसपास के जीवों की गतिविधि का संकेत देती है। इसके साथ ही इसमें सोलर टॉर्च की सुविधा भी दी गई है, जिससे अंधेरे में दृश्यता बढ़ती है।

किसान मित्र छड़ी में कंपन तकनीक और सोलर लाइट की सुविधा दी गई है, जो खेतों में रात के समय सुरक्षा बढ़ाने में मदद करती है।

मेले में तकनीकी नवाचारों के साथ-साथ कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल भी की गई। इस अवसर पर रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिलों के लिए एक विस्तृत कृषि रोडमैप जारी किया गया। यह रोडमैप क्षेत्र की जलवायु, मृदा और जल संसाधनों के अध्ययन पर आधारित है।

इस योजना में फसल विविधीकरण, भूजल संरक्षण और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फसलें, फल और सब्जियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही इंटरक्रॉपिंग जैसी आधुनिक पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर, वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और बाजार से बेहतर जुड़ाव पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके और आय में स्थिर वृद्धि सुनिश्चित हो।

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