छह साल बाद फिर उसी स्तर पर पहुंचा हरियाणा, 2019 और 2025 में जन्म के समय लिंगानुपात 923
हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात को लेकर जारी ताज़ा आंकड़े एक महत्वपूर्ण रुझान की ओर संकेत करते हैं। वर्ष 2025 में राज्य का लिंगानुपात 923 दर्ज किया गया है, जो कि वर्ष 2019 के समान स्तर पर पहुंचने को दर्शाता है। इस प्रकार, लगभग छह वर्षों के उतार-चढ़ाव के बाद हरियाणा फिर उसी स्थिति में लौटता दिखाई दे रहा है।
बीच के वर्षों पर नजर डालें तो यह साफ होता है कि इस अवधि में लिंगानुपात में गिरावट का दौर भी देखने को मिला। 2022 और 2023 में आंकड़ा 917 और 916 के आसपास रहा, जबकि 2024 में यह घटकर 910 तक पहुंच गया, जिसे हाल के वर्षों का सबसे कमजोर स्तर माना गया।
| वर्ष | जन्म के समय लिंगानुपात |
|---|---|
| 2019 | 923 |
| 2022 | 917 |
| 2023 | 916 |
| 2024 | 910 |
| 2025 | 923 |
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि 2025 में दर्ज सुधार आकस्मिक नहीं है, बल्कि यह निरंतर निगरानी, कानूनी सख्ती और सामाजिक जागरूकता अभियानों का परिणाम है। भ्रूण लिंग जांच पर नियंत्रण, अवैध गर्भपात के मामलों पर कार्रवाई और डेटा-आधारित समीक्षा प्रणाली को इस सुधार से जोड़ा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 2019 के स्तर पर वापसी यह दर्शाती है कि यदि प्रयास लगातार जारी रहें, तो सामाजिक संतुलन की दिशा में स्थायी सुधार संभव है। अब चुनौती इस उपलब्धि को बनाए रखने और आने वाले वर्षों में इसे और बेहतर बनाने की है।














