Hormuz Strait Tension: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, भारत की ऊर्जा रणनीति पर बढ़ी नजर

नई दिल्ली | 09 मई 2026
sujata-sharma
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा जानकारी देते हुए।

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़ते तनाव और Hormuz Strait से जुड़े घटनाक्रमों के बीच अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में तेजी देखी जा रही है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर सरकार और तेल कंपनियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार भारत लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल इसी क्षेत्र से आयात करता है। इसके अलावा देश की करीब 90 प्रतिशत एलपीजी और लगभग 65 प्रतिशत प्राकृतिक गैस भी मिडिल ईस्ट देशों से आती है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।

संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार होर्मुज क्षेत्र में मौजूदा घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि भारत में फिलहाल ऊर्जा आपूर्ति सामान्य है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले दो महीनों के दौरान तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां कुछ समय पहले तेल की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि वैश्विक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर परिवहन, उद्योग और घरेलू ऊर्जा लागत पर पड़ सकता है।

हालांकि भारत की स्थिति कई यूरोपीय देशों की तुलना में अभी स्थिर मानी जा रही है। वर्तमान में भारत में पेट्रोल की औसत कीमत करीब ₹94.77 प्रति लीटर बनी हुई है, जबकि जर्मनी, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में यह लगभग ₹200 प्रति लीटर के आसपास बताई जा रही है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत पिछले कुछ वर्षों से ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और रणनीतिक तेल भंडारण क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। इसी कारण वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू सप्लाई व्यवस्था फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आम लोगों के बीच तेल कीमतों को लेकर चर्चा बढ़ी है, लेकिन सरकारी एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में किसी प्रकार की घबराहट या अतिरिक्त खरीदारी की आवश्यकता नहीं है। लखनऊ, रायबरेली और कानपुर जैसे शहरों में पेट्रोल पंपों पर सामान्य स्थिति देखी गई।

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होर्मुज जलडमरूमध्य को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में शामिल है। मिडिल ईस्ट से निकलने वाला बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से वैश्विक बाजार तक पहुंचता है।

क्या भारत में पेट्रोल और एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है?

वर्तमान में भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। सरकार और तेल कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है?

यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लंबे समय तक कीमतें ऊंची रहती हैं, तो परिवहन लागत, माल ढुलाई और कुछ दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।

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