लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि Finance Bill, 2025 से मौजूदा पेंशन नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की पेंशन फिलहाल प्रचलित नियमों के अनुसार ही जारी रहेगी।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय वेतन आयोग का मुख्य कार्य वेतन, भत्तों और पेंशन से संबंधित सिफारिशें देना होता है। सरकार ने यह भी साफ किया कि पेंशन में किसी भी प्रकार का संशोधन तभी किया जाएगा, जब 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) की सिफारिशें प्राप्त होंगी और उन्हें स्वीकार किया जाएगा।
सरकार ने जानकारी दी है कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया गया है और उसे 3 नवंबर 2025 के प्रस्ताव के अनुसार 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करनी हैं। आयोग को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े मामलों पर सुझाव देने का दायित्व सौंपा गया है।
लोकसभा में दिए गए उत्तर में यह भी स्पष्ट किया गया कि Finance Act, 2025 केवल मौजूदा पेंशन नियमों की पुष्टि करता है और इससे सिविल या रक्षा पेंशन में कोई स्वतः बदलाव नहीं होता। इसका मतलब यह है कि पेंशनभोगियों को किसी भी संशोधन के लिए 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट और उस पर सरकार के फैसले का इंतजार करना होगा।
इस स्पष्टीकरण के बाद यह स्थिति साफ हो गई है कि फिलहाल पेंशन में कोई तात्कालिक बदलाव नहीं किया गया है और भविष्य में होने वाला कोई भी संशोधन 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर ही निर्भर करेगा।














